17 मई 2157 के दिन टॉमी को वास्तविक पुस्तक मिली उसने इसे मार्गी को दिखाया  । मार्गी ग्यारह वर्ष की थी  । इससे पहले उसने कभी भी वास्तविक पुस्तक नहीं देखी थी  । एक बार उसने दादाजी जी से वास्तविक मुद्रित (छपी) पुस्तकों के बारे में सुना था  । यह एक बहुत पुरानी पुस्तक थी । इसके पन्ने पीले और सलवटों वाले हो गये थे  । उन्होंने इसके पन्नों को पलटा और उन्हें पढ़ा  । टॉमी को  यह  बाते व्यर्थ सी  लगी । उनके पास छपी हुई पुस्तकें नहीं थीं । उनकी पुस्तकें टेलीविजन के पर्दे पर चमकती थीं टॉमी जोकि  तेरह वर्ष का था मार्गी की तुलना में टेलीविजन के पर्दे पर अधिक पुस्तकें पढ़  चुका था  ।

टॉमी ने मार्गी को बताया  कि यह पुस्तक स्कूल के बारे में है  मार्गी हमेशा से ही स्कूल से घृणा करती थी । उसका स्कूल उसके घर पर एक कमरे में स्थित था । यह उसके शयनकक्ष से अगले कमरे में स्थित था । शनिवार और रविवार के दिनों को छोड़कर उसका तकनीकी शिक्षक प्रतिदिन टेलीविजन के पर्दे पर एक निर्धारित समय पर चमकता था  ।  उसे अकेले ही उसके सामने उपस्थित होना पड़ता था । यह तकनीकी शिक्षक उससे  प्रश्न  पूछता था । उसे गृहकार्य देता था और उसे चेक करता था । वह परीक्षा पत्रों को भी चैक करता था और उनके अंक देता था।

मार्गी  का तकनीकी शिक्षक उसे एक के बाद एक टेस्ट देता रहता था  । मार्गी का प्रदर्शन बद से बदतर होता जा रहा था । उसकी माँ  ने काऊंटी  इंस्पेक्टर को बुला भेजा । उसने तकनीकी शिक्षक की गति को एक औसत दस वर्ष के बच्चे के स्तर पर का दिया 

टॉमी ने  मार्गी को बताया कि  सैकड़ों वर्ष पूर्व यहाँ  पुरानी किस्म  के स्कूल हुआ करते थे । वे स्कूल विशेष  किस्म के भवनों में स्थित होते थे । उन स्कूलों में पुरुष अध्यापक पढाते  थे । क्षेत्र के सभी वच्चे यहाँ जाते थे और एक जैसा  सबक सीखते  थे । मार्गी ने सोचा कि उन स्कूलों में अध्ययन करना बहुत रोचक होता होगा । यह उन रोचक स्कूलों  के बारे में पढ़ना चाहती थी ।
तभी मार्गी की माँ ने उसे स्कूल में उपस्थित होने के लिए बुला  लिया ।

मागी स्कूल से उपस्थित नहीं होना चाहती थी  परन्तु वह अनिच्छापूवंक स्कूल कक्ष के अंदर चली गई । यह उसके शयनकक्ष से आगे कमरे में स्थित था । उसका तकनीकी शिक्षक कार्यरत अवस्था में  था और उसकी प्रतीक्षा कर रहा था । उसने मार्गी  से कहा कि यह उचित दराज में अपना गृहकार्य डाल दे । मार्गी ने एकं भारी सांस के साथ ऐसा किया । तकनीकी शिक्षक उसे गणित विषय का भिन्न वाला पाठ पढा  रहा था लेकिन मार्गी पुराने ज़माने के स्कूलों  और उनमें होने  वाली रोचकता के विषय में सोच  रही थी ।