NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter – 1 गिल्लू

By | February 10, 2021

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 1 गिल्लू यहाँ सरल शब्दों में दिया जा रहा है|  NCERT Hindi book for class 9 Sanchayan Solutions के Chapter 1 गिल्लू  को आसानी से समझ में आने के लिए हमने प्रश्नों के उत्तरों को इस प्रकार लिखा है की कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक बात कही जा सके| इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi Sanchayan

दिया जा रहा है|

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Chapter 1 गिल्लू

Ch-1- गिल्लू

प्रश्न 1. सोनजुही में लगी पीली कली को देख लेखिका के मन में कौन से विचार उमड़ने लगे?

उत्तर : सोनजुही की लता के नीचे गिल्लू को समाधि दी गई थी क्योंकि वह लता गिल्लू को बहुत प्रिय थी। अतः उस सोनजुही में लगी पीली कली को देख लेखिका को गिल्लू के उस फूल के रूप में खिल जाने का विश्वास लेखिका के मन में उमड़ने लगे थे।।

प्रश्न 2. पाठ के आधार पर कौए को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी क्यों कहा गया है?

उत्तर: हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि पितरपक्ष के समय हमारे पूर्वज कौवे के भेष में आते हैं। एक अन्य मान्यता है कि जब कौवा काँव-काँव करता है तो इसका मतलब होता है कि घर में कोई मेहमान आने वाला है। इन कारणों से कौवे को सम्मान दिया जाता है। लेकिन दूसरी ओर, कौवे के काँव काँव करने को अशुभ भी माना जाता है। इसलिए कौवे को एक साथ समादरित और अनादरित प्राणी कहा गया है।

प्रश्न 3. गिलहरी के घायल बच्चे का उपचार किस प्रकार किया गया?

उत्तर: लेखिका गिलहरी के घायल बच्चे को उठाकर अपने कमरे में ले गई। रुई से उसका खून पोंछकर उसके घावों पर पेंंसिलिन का मरहम लगाया। उसकी भूख मिटाने के लिए रुई की बत्ती दूध में भिगोकर उसके मुँह पर लगाई गई। पर दूध की बूँदे मुँह के दोना तरफ गिर गई । कई घंटे के उपचार के बाद वह उसके मुँह में पानी की एक बॅूंद टपकाने में सफल हुई। तीन दिन में वह स्वस्थ हो गया।

प्रश्न 4. लेखिका का ध्यान आकर्षित करने के लिए गिल्लू क्या करता था?

उत्तर: जब लेखिका लिखने बैठती तो गिल्लू लेखिका का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने का प्रयास करता। इसके लिए वह लेखिका के पैर तक आकर तेज़ी से पर्दे पर चढ़ जाता और फिर उसी तेजी से उतरता। गिल्लू यह क्रिया तब तक करता रहता जब तक लेखिका उसे पकड़ने के लिए न दौड़ती। इस प्रकार गिल्लू लेखिका का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने में सफल हो जाता। लेखिका के गिल्लू की समझदारी और इस प्रकार के कार्य-कलापों पर हैरानी होती थी।

प्रश्न 5. गिल्लू को मुक्त करने की आवश्यकता क्यों समझी गई और उसके लिए लेखिका ने क्या उपाय किया?

उत्तर: गिल्लू के जीवन का पहला बसंत आया। अर्थात् गिल्लू एक वर्ष का हो गया था। कमरे में बाहर के फूलों की सुगंध फैल रही थी बाहर की गिलहरियाँ आकर जाली के पास बैठ कर चिक् चिक् करती। उन्हें देखकर गिल्लू उनके पास आकर बैठ जाता उसको इस तरह बाहर निहारते हुए देखकर लेखिका ने इसे मुक्त करना आवश्यक समझा। लेखिका ने खिड़की की जाली का एक कोना खोल दिया जिससे गिल्लू बाहर आ जा सके।

प्रश्न 6. गिल्लू किन अर्थों में परिचारिका की भूमिका निभा रहा था?

उत्तर: एक बार लेखिका मोटर दुर्घटना में घायल हो गई और कई दिनों तक उन्हें अस्पताल में रहना पड़ा। अस्पताल से घर आने के बाद गिल्लू ने परिचारिका की तरह लेखिका की सेवा की। वह लेखिका के पास बैठा रहता था। वह तकिये पर सिरहाने बैठकर अपने नन्हें-नन्हें पंजों से लेखिका के सिर और बालों को इस प्रकार सहलाता जिस प्रकार कोई सेविका अपने हाथों को हल्का कर मालिश कर रही हो। गिल्लू का सिरहाने से हटना लेखिका को ऐसा प्रतीत होता मानो परिचारिका ही हट गई हो।

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प्रश्न 7. गिल्लू की किन चेष्टाओं से यह आभास मिलने लगा था कि अब उसका अंत समय समीप है?

उत्तर : गिलहरी की जीवन अवधि लगभग दो वर्ष की होती है। जब गिल्लू का अंत समय आया तो उसने दिन भर कुछ भी नहीं खाया। वह घर से बाहर भी नहीं गया। वह अपने अंतिम समय में झूले से उतरकर  लेखिका के बिस्तर पर निश्चेष्ट लेट गया। उसके पंजे पूरी तरह ठंडे पड़ चुके थे। वह अपने ठंडे पंजे से लेखिका की अँगुली पकड़ कर हाथ से चिपक गया। लेखिका ने हीटर जलाकर उसे गर्मी देने का प्रयास किया परंतु इसका कोई लाभ न हुआ। सुबह होने तक गिल्लू की मृत्यु हो चुकी थी।

प्रश्न 8. ‘प्रभात की प्रथम किरण के स्पर्श के साथ ही वह किसी और जीवन में जागने के लिए सो गया’-का आशय स्पष्ट कीजिए।

उत्तर: विधाता प्रदत्त जीवन के दो पहलू हैं-जीवन और मरण। जीवन खुशी का अनुभव कराता है तो मृत्यु दुख का। गिल्लू के जीवन का मार्मिक अंत हो गया। सुबह का उजाला पुनः फैलाने के लिए वह मृत्यु की गोद में समा गया था। इस कथन का आशय यह है कि सुबह होते होते गिल्लू की मृत्यु हो गई और वह हमेशा के लिए सो गया ताकि वह किसी नए जीवन को पा सके, कही और जन्म लेकर नया जीवन पा सके। मृत्यु का आभास वेदनापूर्ण था। उसने पारिवारिक माहौल को अवसाद से भर दिया। । गिल्लू भी महादेवी के लिए पारिवारिक सदस्य की भाँति था। उसके साथ उनका साहचर्यजनित लगाव था परंतु अधूरेपन व अल्पावधि का अनुभव कराकर गिल्लू का प्रभात की प्रथम किरण के रूप में मौत की गोद में सो जाना लेखिका को हिलाकर रख गया। मृत्यु पर किसी का वश नही चलता। इसी कारण सभी हाथ पर हाथ रखकर बैठने के सिवा कुछ नहीं कर सकते।

प्रश्न 9. सोनजुही की लता के नीचे बनी गिल्लू की समाधि से लेखिका के मन में किस विश्वास का जन्म होता है?

उत्तर: सोनजुही की लता के नीचे गिल्लू की समाधि बनाई गई क्योंकि यह लता गिल्लू को बहुत पसंद थी और साथ ही लेखिका को विश्वास था कि इस छोटे से जीव को इस बेल पर लगे फूल के रुप में देखेगी। जुही में जब पीले फूल लगेंगे तो लेखिका के समक्ष गिल्लू की स्मृति साकार हो जाएगी। इससे उन्हे संतोष मिलेगा।

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sanchayan Ch – 1 –  गिल्लू

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