Population of India Essay in Hindi

By | August 2, 2022
Population of India Essay in Hindi

Population of India Essay in Hindi- चीन के बाद भारत की आबादी सर्वाधिक है. आज विश्व का हर छठा नागरिक भारतीय है. बढ़ती जनसंख्या भी Pollution और बेरोजगारी का कारण भी है.

Population of India Essay in Hindi

भूमिका – भारत के सामने अनेक समस्याएं चुनौती बनकर खड़ी हैं. जनसंख्या -विस्फोट उनमें से सर्वाधिक भीषण है. जिस तेजी से भारत की जनसंख्या प्रतिपल बढ़ रही है, उसी तेजी से भारत समस्याओं की बाढ़ में घिरता जा रहा है. वह दिन दूर नहीं, जब भारत अपने ही बोझ के नीचे दब जाएगा.
भारत की जनसंख्या – आज विश्व का हर छठा नागरिक भारतीय है. चीन के बाद भारत की आबादी सर्वाधिक है. एक अरब भारतीयों के पास धरती, खनिज, साधन आज भी वही हैं जो 50 साल पहले थे. परिणामस्वरूप लोगों के पास जमीन कम, आय कम और समस्याएं अधिक बढ़ती जा रही हैं.
जनसंख्या वृद्धि के कारण – भारतीय परंपराओं में बाल-बच्चों से भरा-पूरा घर ही सुख का सागर माना जाता है. इसलिए शादी करना और बच्चों की फौज जमा करने में हर नागरिक रूचि लेता है. यहां के लोग मानते हैं कि पिता का वंश चलाना हमारा धर्म है. ईश्वर-प्राप्ति के लिए पुत्र का होना अनिवार्य माना जाता है. परिणामस्वरूप लड़कियां होने पर संतान बढ़ती जाती है
दुष्परिणाम – जनसंख्या के दुष्परिणामों की कहानी स्पष्ट और प्रकट है. जहां भी देखो, हर जगह भीड़ ही भीड़ का साम्राज्य है. भीड़ के कारण हर जगह गंदगी, अव्यवस्था और हौचपौच है. देश का समुचित विकास नहीं हो पा रहा. खुशहाली की जगह लाचारी बढ़ रही है. बेकारी से परेशान लोग हिंसा, उपद्रव और चोरी- डकैती पर उतर जाते हैं.
समाधान – जनसंख्या-वृद्धि रोकने के लिए आवश्यक है कि हर नागरिक अपने परिवार को सीमित करें. एक-से अधिक संतान को जन्म न दे. लड़के-लड़की को एक समान मानने से भी जनसंख्या पर नियंत्रण हो सकता है.
परिवार-नियोजन के साधनों के उचित उपयोग से परिवार को मनचाहे समय तक रोका जा सकता है. आज जनसंख्या रोकना राष्ट्रीय धर्म है. इसके लिए कुछ भी करना पड़े, वह करना चाहिए. आज भारत में जनसंख्या रोकने के उपायों की या प्रोत्साहन की कमी नहीं है. कमी है, समाज की इच्छा शक्ति की. जब तक समाज अपनी विचारधारा में परिवर्तन नहीं लाता, जनसंख्या को रोका नहीं जा सकता.