The Hundred Dresses-II – Summary in Hindi – Full Text

By | August 19, 2020

The Hundred Dresses –II is well provided by Edumantra including Introduction of The Hundred Dresses –II, Message from The Hundred Dresses –II, Theme, Title of The Hundred Dresses –II, Characters of The Hundred Dresses –II, Summary in English, Summary in Hindi The Hundred Dresses –II, Word meanings in The Hundred Dresses –II, Complete lesson in Hindi, Extracts , Long answers, Short answers, Very short Answers, MCQs from the lesson The Hundred Dresses –II and much more.

The Hundred Dresses-II

By El Bsor Ester

Summary in Hindi – The Hundred Dresses-II- Full Text

SUMMARY IN HINDI

   छात्र कमरे का चक्रकर  लगा रहे थे और वाण्डा  द्रारा बनाए गए डिज़ाइनों की प्रशंसा कर रहे थे I प्रिंसिपल के कमरे से एक नोटिस आया I मिस मेसन ने कक्षा  को बताया कि उसे वाण्डा  के पिता से एक पत्र मिला है I उसने कहा कि वह इस पत्र  को कक्षा  में पढ़ने जा रही है I छात्र  पत्र  को सुनने के लिए तैयार हो गए I अपने पत्र में वाण्डा  के पिता ने मिस मेसन को बताया कि वाण्डा अब स्कूल में नहीं आएगी I वे एक बड़े शहर में जा रहे हैं I  उस शहर  में कोई भी उसके नाम को हास्यपूर्ण नहीं समझेगा और उस पर हँसेगा नहीं I

सारी कक्षा शांत हो गई और उन्हें वाण्डा  के बारे में बहुत दुःख हुआ I मिस मेसन उनकी भावनाओं को समझ गई I उसने उन्हें बताया कि किसी को किसी की भावनाओं को इसलिए ठेस नहीं पहुँचानी चाहिए क्योकि उसका नाम लंबा या हास्यपूर्ण  है I उसने कहा स्कूल में वाण्डा  के बारे में जो कुछ हुआ वह बुरा था I उसने उन्हें कहा कि वे इस बारे में सोचे I मैडी ने उसके बारे में सोचा जो कुछ मिस मेसन ने वाण्डा  के बारे में कहा I वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाई I उसे बीमारी जैसी भावनाएँ महसूस हुई I यह सच था कि उसने खुद कभी वाण्डा  का मजाक नहीं उड़ाया था I मगर इसके साथ-साथ, उसने कभी भी पेग्गी को तब नहीं रोका था जब वह वाण्डा  से उसकी पोशाकों के बारे में पूछती थी I ऐसे अवसरों पर वह कुछ नहीं कहती थी और खमोश खड़ी रहती थी I मगर यह बात भी बुरी थी I उसने महसूस किया कि वह कायर है और उसने कभी भी पेग्गी को वाण्डा  का मजाक उड़ाने से नहीं रोका I

मैडी को हैरानी हुई कि क्या वह कुछ कर सकती है I वह वाण्डा  से मिलना चाहती थी और उसे बताना चाहती थी कि उसका इरादा कभी भी उसकी भावनाओं को ठेस पहचाना नहीं था I उसने फैसला किया कि वह वाण्डा  पेट्रोंसकी को बताएगी कि उसने प्रतियोगिता जीत ली है और उसकी सौ  पोशाकें बहुत सुंदर है I उसने फैसला किया कि वाण्डा  पेट्रोंसकी  को दूँढ निकलेगी I यह और पेग्गी उससे मिलने उसके घर आएँगी जब स्कूल का समय खत्म हो गया तो मैडी ने पेग्गी से वाण्डा  के घर चलने को कहा I वे उसके काँलोनी की तरफ चल दी I रास्ते में पेग्गी ने कहा कि उसने कभी भी वाण्डा  को विदेशी नहीं कहा था I वह सदा सोचती थी कि वाण्डा बुद्दू लड़की है I उसने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि वाण्डा  को इस बात का आभास होगा कि लड़कियाँ उसका मजाक उड़ा रही है I मैडी ने कुछ नहीं कहा I वह तो केवल वाण्डा  से मिलना चाहती थी और उसे बताना चाहती थी वे उसके प्रति किए गए अपने अभद्र व्यवहार के लिए शर्मिदा है I वह उससे प्रार्थना करेगी कि वह उस शहर को छोड़कर न जाए I

कुछ देर बाद पेग्गी और मैडी को बोगिंज हाईट्रस में वाण्डा  का घर मिल गया I घर सस्ता मगर साफ था I इससे मैडी को वाण्डा  की वह एकमात्र पोशाक याद आ गई I मगर घर में कोई नहीं था I पेग्गी ने दरवाजे पर दस्तक दी I कोई उतर नहीं मिला I वाण्डा और उसका परिवार पहले ही वहाँ से जा चुका था I वे वापिस आ गई I पेग्गी ने कहा कि उसने द्वारा वाण्डा  को उसकी पोशाकों के बारे में पूछने से वास्तव में उसे फायदा हुआ था I नहीं तो शायद वह ड्राइंग प्रतियोगिता न जीत पाती I मगर मैडी संतुष्ट नहीं थी I वह उस रात को सो नहीं सकी I वह वाण्डा, उसकी ड्राइंग और उसके घर के बारे में सोचती रही I अंत में उसने एक फैसला किया I उसने फैसला किया कि भविष्य में अगर कोई उसके सामने किसी का मजाक उड़ाएगा तो वह चुप नहीं रहेगी I अगर ऐसा करने से उसे पेग्गी की मित्रता भी गँवानी पड़े तो भी वह परवाह नहीं करेगी I उसके सामने वाण्डा  से माफ़ी माँगने का कोई रास्ता नहीं थी I मगर वह अब किसी को भी दुखी नहीं करेगी I

शानिवार को पेग्गी और मैडी ने वाण्डा  को एक पत्र लिखा I यह केवल एक मित्रतापूर्ण पत्र था I उन्होंने वाण्डा  की ड्राइंगों की तारीफ की I उन्होंने उसे लिखा कि वह प्रतियोगिता जीत गई है I उन्होंने वह पत्र बोगिज हाईट्रस के पते पर भेज दिया और साथ ही यह प्रार्थना भी लिख दी कि इसे उसके नए पते पर भेज दिया जाए I कई दिन बीत गए, मगर वाण्डा  से कोई जवाब नहीं आया I पेग्गी ने सारी घटना को भूलना आरंभ कर दिया I मैडी रात को वाण्डा  के बारे में भाषण बनाते हुए सोने का प्रयत्न करती थी I

फिर क्रिसमस का समय आ गया I स्कूल के अंतिम दिन, मिस मेसन को वाण्डा  से पत्र मिला I उसने वह पत्र कक्षा को दिखाया और उसे पढ़कर सुनाया I वाण्डा  ने उसे लिखा था कि लडकियाँ उन सौ  पोशाकों की  ड्राइंगो  को रख सकती है क्योकि उसके घर में सौ नई पोशाकें है I उसने लाल सजावट वाली हरी पोशाक पेग्गी को उपहार में दी I उसने लिखा कि मैडी नीली पोशाक ले सकती है I उसने सबको क्रिसमस की बधाई दी I उन्होंने ड्राइंगो  को स्वीकार कर लिया I घर के रास्ते में पेग्गी और मैडी अपनी ड्राइंगों  को सावधानी से पकड़े रखा I उन्होंने अपनी ड्राइंगों को अपने-अपने बेडरूम में लगा दिया I

मैडी को वाण्डा की बहुत याद आ रही थी I उसकी आँखों में आँसू थे I उसे यह सोचकर उदासी हुई कि वह अब वाण्डा  को कभी नहीं मिल पाएगी I उसे महसूस हुआ कि वाण्डा  उसके प्रति अच्छी थी I वह ड्राइंग को बड़ी देर तक देखती रही I अचानक उसने ड्राइंग के सिर और चेहरे पर ध्यान दिया I यह उसके अपने सिर और चेहरे की तरह लगता था I उसे यह सोचकर उत्तेजना हुई कि वाण्डा  ने वह ड्राइंग  विशेष तोर पर उसकी लिए बनाई थी I  वह भागकर पेग्गी के घर गई I उसने पेग्गी को बताया कि वाण्डा  ने उसके लिए ही ड्राइंग बनाई थी I तब उन्होंने पेग्गी की ड्राइंग भी देखी I ड्राइंग में पेग्गी का चेहरा था I पेग्गी को भी यह देख कर खुशी हुई कि ड्राइंग  का सिर और चेहरा उससे मिलता है I पेग्गी ने मैडी को कहा कि वाण्डा  सचमुच उनसे प्यार करती थी I जब भी मैडी वाण्डा  पेट्रोंसकी  के बारे में सोचती थी तो उसकी आँखों में आँसू आ जाते थे I

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.