NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter – 15 नए इलाके में … खुशबू रचते हैं हाथ

By | February 9, 2021

NCERT Solutions for Class 9 Hindi sparsh Chapter 15 नए इलाके में … खुशबू रचते हैं हाथयहाँ सरल शब्दों में दिया जा रहा है|  NCERT Hindi book for class 9 Sparsh Solutions के Chapter 15 नए इलाके में … खुशबू रचते हैं हाथ को आसानी से समझ में आने के लिए हमने प्रश्नों के उत्तरों को इस प्रकार लिखा है की कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक बात कही जा सके| इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi Sparsh

दिया जा रहा है|

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 15 नए इलाके में खुशबू रचते हैं हाथ

प्रश्न अभ्यास

(1) नये इलाके में

1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

() नए बसते इलाके में कवि रास्ता क्यों भूल जाता है?

उत्तर:- नए बसते इलाके में कवि रास्ता भूल जाता है क्योंकि वहाँ पर प्रतिदिन नए मकान बनते चले जा रहे हैं। इन मकानों के बनने से पुराने पेड़, खाली ज़मीन, टूटे-फूटे घर सब कुछ खतम हो गए हैं। नए इलाके में नित्य नई इमारतें बनती जा रही हैं। कवि अपने ठिकाने पर पहुँचने के लिए निशानियाँ बनाता है, वे जल्दी मिट जाती हैं। इसी लिए कवि रास्ता भूल जाता है

() कविता में कौनकौन से पुराने निशानों का उल्लेख किया गया है?

उत्तर:- पीपल का पेड़, ढहा हुआ पुराना मकान, लोहे का फाटक और ज़मीन का खाली टुकड़ा ये ऐसे निशान थे जिनके सहारे लेखक अपने पुराने घर तक पहुंचता था ।

() कवि एक घर पीछे या दो घर आगे क्यों चल देता है?

उत्तर:- कवि एक घर पीछे या दो घर आगे इसलिए चल देता है क्योंकि उसे नए इलाके में उसके घर पहुँचने तक की जो निशानियाँ थी वे सब मिट चुकी थीं। उसने कई निशानियाँ बना रखी थी; जैसे: एक मंजिले मकान की निशानी बिना रंगवाला लोहे का फाटक। लेकिन इनमें से कुछ भी नहीं बचा था। प्रतिदिन आ रहे थे परिवर्तनों के कारण वह अपना घर नहीं ढूढ़ पाया। और आगे पीछे निकल जाता है।

() ‘वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ से क्या अभिप्राय है?

उत्तर:- ‘वसंत का गया पतझड़’ और ‘बैसाख का गया भादों को लौटा’ से कवि का अभिप्राय है कि वह प्रतिदिन उस स्थान पर लौट कर आता है, लेकिन वहां इतनी तीव्र गति से बदलाव आ रहे हैं कि उसे ऐसा प्रतीत होता है मानो वह वसंत में गया था और पतझड़ में लौटा है; या वैशाख में गया था और भादों में लौटा है। उस बदलाव के कारण कवि को ऐसा लगता था, मानो उसे उस स्थान पर आए बहुत लंबा अरसा बीत गया हो।

() कवि ने इस कविता में ‘समय की कमी’ की ओर क्यों इशारा किया है?

उत्तर:- कवि ने इस कविता में समय की कमी की ओर इशारा किया क्योंकि उसने अपना घर ढूँढ़ने में काफी समय बर्बाद कर दिया। प्रगति की इस दौड़ में व्यक्ति अपनी पहचान भी भूल गया है। समय का अभाव रहता है इसलिए किसी से आत्मीयता भी नहीं बना पाता है।

() इस कविता में कवि ने शहरों की किस विडंबना की ओर संकेत किया है?

उत्तर:- इस कविता में कवि ने शहरों की इस विडंबना की ओर संकेत किया है कि जीवन की सहजता समाप्त होती जा रही है, बनावटी चीज़ों के प्रति लोगों का लगाव बढ़ता जा रहा है। सब आगे निकलना चाहते हैं, आपसी प्रेम, आत्मियता घटती जा रही है। लोगों की और रहने के स्थान की पहचान खोती जा रही है। स्वार्थ केन्द्रित लोगों के पास दूसरे के लिए समय ही नहीं है। आज की चीज़ कल पुरानी पड़ जाती है, कुछ भी स्थाई नहीं है।

2.व्याख्या कीजिए

() यहाँ स्मृति का भरोसा नहीं

एक ही दिन में पुरानी पड़ जाती है दुनिया।

उत्तर:- प्रस्तुत कविता में कवि ने प्रतिदिन दुनिया में आ रहे बदलाव का वर्णन किया है और बताया है कि आज कस्बों व इलाकों में इतनी तेजी से बदलाव आ रहा है कि वस्तुएं मनुष्य और इलाके सिर्फ एक दिन के अंतराल में अपना अस्तित्व खो रहे है। यहां रास्तों को याद करने के लिए बनाई गई निशानियां एक दिन में मिट जाती है; इसलिए इस बदलाव के दौर में स्मृति के सहारे नहीं जिया जा सकता।

() समय बहुत कम है तुम्हारे पास

आ चला पानी ढहा आ रहा अकास

शायद पुकार ले कोई पहचाना ऊपर से देखकर

उत्तर:- कवि के अनुसार आजे के जमाने में कोई किसी को नहीं पहचानता किसी के पास किसी के लिए समय नहीं है सब एक दूसरे से आग निकलना चाहते हैं । ऐसे में कवि अभी भी सोचता है कि शायद कोई अपना मिल जाए और पीछे से आवाज देकर बुला ले ।

(2) खुशबू रचते हैं हाथ

1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

()‘खुशबू रचनेवाले हाथ’ कैसी परिस्थितियों में तथा कहाँकहाँ रहते हैं?

उत्तर:-खुशबू रचने वाले हाथ’ गंदगी भरी गलियों और नालों के बीच रहते है। इनके इलाके कूड़े-करकट और बदबू से भरे होते है। इनकी बस्ती इतनी गंदी होती है कि बदबू से फटती जाती है। ये लोग इतने गरीब होते हैं कि लगातार काम करने की वजह से उनके हाथ जख्मी हो जाते हैं, लेकिन फिर भी इनके बच्चों को और इनको काम करना पड़ता है।

() कविता में कितने तरह के हाथों की चर्चा हुई है?

उत्तर:- कविता में निम्नलिखित प्रकार के हाथों की चर्चा हुई है −उभरी नसों वाले हाथ, पीपल के पत्ते से नए-नए हाथ, गंदे कटे-पिटे हाथ, घिसे नाखुनों वाले हाथ, जूही की डाल से खूशबूदार हाथ, जख्म से फटे हाथ।।

() कवि ने यह क्यों कहा है कि ‘खुशबू रचते हैं हाथ’?

उत्तर:- कवि ने ऐसा इसलिए कहा कि गंदगी में जीवन-जीने वाले लोगों के हाथ खुशबूदार पदार्थों की रचना करते हैं। ये लोग दूसरों का जीवन खुशहाल बनाते हैं। कवि श्रमिकों का गुणगान नहीं करना चाहता है जो विषम परिस्थितियों में रहकर भी खूशबूदार चीज़े बनाते हैं बल्कि वह यह कहना चाहता है कि हमें उनकी दशा सुधारने की बात सोचनी चाहिए।

() जहाँ अगरबत्तियाँ बनती हैं, वहाँ का माहौल कैसा होता है?

उत्तर:- जिन इलाकों व मोहल्लों में अगरबत्तियां बनती है, वे गंदगी व कूड़े-करकट के टीलों से भरपूर होते है। यहां का माहौल गंदा और बदबूदार होता है। इन इलाकों में बदबू से फट पड़ने वाली गंदगी भरी होती है। अगरबत्ती बनाने वाले लोगों के घर कीचड़ व गंदगी भरे नालों के आसपास और कूड़े करकट से भरी गलियों में होते है।

() इस कविता को लिखने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

उत्तर:- इस कविता को लिखने का मुख्य उद्देश्य गरीब मज़दूरों की दयनीय दशा की ओर ध्यान आकर्षित करना है। इस प्रकार कवि उनके उद्धार के प्रति चेतना जाग्रत करना चाहता है। वह चाहता है कि इन श्रमिकों की दयनीय दशा को सुधारा जाए, इनके रहने की दशा को स्वास्थ्यप्रद बनाया जाए। यहाँ साफ़-सफ़ाई का उचित प्रबंध किया जाए। इन्हें इतनी मज़दूरी तो मिलनी ही चाहिए ताकि ठीक प्रकार रह सकें।

इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi Sparsh दिया जा रहा है| हिंदी स्पर्श के दो भाग हैं | Hindi Sparsh स्पर्श भाग 1 सीबीएसई बोर्ड द्वारा class 9th के लिए निर्धारित किया गया है | इस पेज की खासियत ये है कि आप यहाँ पर ncert solutions for class 9 hindi Sparsh pdf download भी कर सकते हैं| we expect that the given class 9 hindi Sparsh solution will be immensely useful to you.

2.व्याख्या कीजिए

(). (i). पीपल के पत्तेसे नएनए हाथ

जूही की डाल से खुशबूदार हाथ

(ii). दुनिया की सारी गंदगी के बीच

दुनिया की सारी खुशबू

रचते रहते हैं हाथ

उत्तर:- (i).निम्न पंक्तियों के जरिए कवि ने हमारा ध्यान उन बच्चों और महिलाओं की ओर आकर्षित करना चाहा है जिनके हाथ पीपल के नए पत्तों और जूही की डाल के समान सुन्दर और खुशबूदार हैं। परन्तु गरीबी के कारण ये अत्यंत श्रम करने के लिए मजबूर हैं।

(ii).कवि ने इन पंक्तियों में बताया है कि जो अगरबत्तियां पूरी दुनिया में खुशबू फैलाने का काम करती है, वे ऐसे बदबूदार इलाकों में बनाई जाती है, जो गंदी नालियों और कूड़े करकट से भरे हुए है। ऐसी जगहों में रहने के बावजूद यहा के लोग पूरी दुनिया में अगरबत्तियों के माध्यम से खुशबू फैलाते है। इनकी बदकिस्मती यही है कि अपनी ग़रीबी की वजह से पूरी दुनिया में खुशबू फैलाने के बावजूद भी वे अपने इलाके में खुशबू नहीं फैला पाते।

() कवि ने इस कविता में ‘बहुवचन’ का प्रयोग अधिक किया है? इसका क्या कारण है?

उत्तर:- प्रस्तुत कविता में कवि ने ‘बहुवचन’ का प्रयोग अधिक इसलिए किया है क्योंकि कविता में कवि ने विशेषतः किसी एक व्यक्ति का वर्णन न करके, एक पूरे समाज के बारे में बताया है; जहां के लोग गंदगी भरे इलाके में रहकर भी खुशबूदार अगरबत्तियां बनाने का काम करते है।

() कवि ने हाथों के लिए कौनकौन से विशेषणों का प्रयोग किया है।

उत्तर:- गलियों, नालों, नाखुनों, गंदे हाथ, अगरबत्तियाँ, मुहल्लों, गंदे लोग में बहुवचन का प्रयोग इसलिए किया गया है कि ऐसे लोग, स्थान, वस्तुएँ एक नहीं अनेकों हैं।

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