NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter – 6 कीचड़ का काव्य

By | February 8, 2021

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 6 कीचड़ का काव्य यहाँ सरल शब्दों में दिया जा रहा है|  NCERT Hindi book for class 9 Sparsh Solutions के Chapter 6 कीचड़ का काव्य को आसानी से समझ में आने के लिए हमने प्रश्नों के उत्तरों को इस प्रकार लिखा है की कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक बात कही जा सके| इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi Sparsh

दिया जा रहा है|

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 6 कीचड़ का काव्य

author kaka kalelkar

प्रश्न अभ्यास

मौखिक

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एकदो पंक्तियों में दीजिए –

1.रंग की शोभा ने क्या कर दिया?

उत्तर:- साधारणतः प्रतिदिन पूर्व दिशा  के आकाश  में सूर्योदय के समय की सुन्दरता अद्भुत होती है। परन्तु आज आकाश में रंग की शोभा उत्तर में दिखाई दे रही थी। उत्तर दिशा  में बादल छाए हुए थे जिनपर उगते सूरज की पड़ती किरणों के प्रभाव से उत्पन्न लालिमा अद्भुत दृश्य  पैदा कर रही थी।

2. बादल किसकी तरह हो गए थे?बादल

उत्तर:- बादल रुई की तरह सफेद हो गए थे।

3. लोग किनकिन चीज़ों का वर्णन करते हैं?

उत्तर:- लोग आकाश, पृथ्वी, जलाशयों, आदि का वर्णन करते हैं।

4. कीचड़ से क्या होता है?

उत्तर:- कीचड़ को गंदा माना जाता है। शरीर या कपड़ों पर जब कीचड़ लगता है तब वह उन्हें मैला या गन्दा कर देता है। कीचड़ से घृणा होती है।

5. कीचड़ जैसा रंग कौन लोग पंसद करते हैं?

कीचड़ जैसा रंग

उत्तर:- कीचड़ जैसा रंग कलाभिज्ञ लोगों, मिट्टी के बर्तन बनाने वाले लोगों और फ़ोटोग्राफ़रों पसंद करते हैं।

6. नदी के किनारे कीचड़ कब सुंदर दिखता है?

उत्तर:- नदी के किनारे हमेशा गीले होते हैं. किन्तु ग्रीष्म ऋतु में वह पानी के अभाव में सुखकर टुकड़े हो जाती है।  उसमे दरारें पड़ने लगती हैं और टेढ़ी दिखी पड़ती हैं इसके अलावा दूसरे ऋतुओं में जब कीचड़ चिकना और समतल मीलों तक दिखाई पड़ता है तब भी वह बहुत सुन्दर होता है।

7. कीचड़ कहाँ सुदंर लगता है?

उत्तर:- गंगा के किनारे, सिंधु के किनारे, खंभात की खाड़ी में व महानदी के मुख के आगे फैला कीचड़ सुंदर लगता है।

8. ‘पंक’ और ‘पंकज’ शब्द में क्या अंतर है?

उत्तर:-पंक’ कीचड़ को कहते हैं और ‘पंकज’ कमल को। कमल को सब माथे से लाते है, लेकिन कीचड़ से सबको घिन्न होती हैं; जबकि कमल कीचड़ में ही पैदा होता है।

लिखित

() निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए –

1. कीचड़ के प्रति किसी को सहानुभूति क्यों नहीं होती?

उत्तर:- लोग उपरी सुंदरता देखते हैं। कीचड़ के प्रति किसी को सहानुभूति नहीं होती क्योंकि इसे गंदगी का प्रतीक मानते हैं। कोई कीचड़ में नहीं रहना चाहता, न कपड़े, न शरीर गंदा करना चाहता है। कभी किसी कवि ने भी कीचड़ के सौंदर्य के बारे में नहीं लिखा।

2. ज़मीन ठोस होने पर उस पर किनके पदचिह्न अंकित होते हैं?

उत्तर:- जब कीचड़ का पृष्ठ भाग सूख जाता है, तब उस पर बगुलों, गाय, भैंस, बैल, पाडे, भेड़, बकरी और अन्य पशु-पक्षियों के पदचिन्ह अंकित हो जाते हैं। सूखे हुए कीचड़ पर बैलों के लड़ने से उनके सींगों के चिन्ह भी अंकित हो जाते हैं।

3. मनुष्य को क्या भान होता जिससे वह कीचड़ का तिरस्कार न करता।

उत्तर:- हमारा अन्न कीचड़ में ही उत्पन्न होता है; अगर मनुष्य को इसका जागृत भान होता तो वह कीचड़ का कभी तिरस्कार नहीं करता; क्योंकि कीचड़ हमें वह चीज देता है जो हमारे जिंदा रहने के लिए जरूरी चीजों में से एक है। इस प्रकार की कीचड़ हमारा जीवनदाता हुआ।

4. पहाड़ लुप्त कर देने वाले कीचड़ की क्या विशेषता है?

उत्तर:- पहाड़ लुप्त कर देनेवाला कीचड़ खंभात की खाड़ी में माही नदी के किनारे सर्वत्र देखने में आता है। यह अनादिकाल से बना हुआ है। यहाँ  इतना कीचड़ है कि उसे बताने के लिए हम यदि कहें कि उसमें बहुत सारे हाथी समा सकते हैं तो यह उसे कम करके बताना है। सत्य तो यह है कि इस कीचड़ में पहाड़ के पहाड़ समा सकते हैं।

() निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए –

1. कीचड़ का रंग किनकिन लोगों को खुश करता है?

उत्तर:- कीचड़ में सौंदर्य की कमी नहीं है। इसका सौंदर्य पुस्तकों के गत्तों पर, दिवारों पर, कच्चे मकानों पर लोग इस रंग को पंसद करते हैं। कपड़ों के रंग में भी इसे पंसद किया जाता है। कला प्रेमियों को यह पंसद आता है। फोटोग्राफर और मिट्टी के बरतन बनाने वालों को भी रंग अच्छा लगता है।

2. कीचड़ सूखकर किस प्रकार के दृश्य उपस्थित करता है?

उत्तर:- जब मीलों तक फैला हुआ समतल और चिकना कीचड़ सूख जाता है तब उस पर बगुले और अन्य छोटे-बड़े पक्षियों के चलने से मध्य-एशिया के रास्ते की तरह दूर-दूर तक उनके पदचिन्ह अंकित हो जाते हैं। और जब दो मदमस्त पांडे आपस में लड़ते हैं और अपने सींगों से उस कीचड़ को रौंदकर उस पर सींगों के चिन्ह अंकित कर देते हैं, तब वह महिषकुल के भारतीय युद्ध के इतिहास-लेख के समान प्रतीत होता है।

3. सूखे हुए कीचड़ का सौंदर्य किन स्थानों पर दिखाई देता है?

उत्तर:- सूखे हुए कीचड़ का सौंदर्य नदियों के किनारे दिखाई देता है। कीचड़ जब थोड़ा सूख जाता है तो उस पर छोटे-छोटे पक्षी बगुले आदि घूमने लगते हैं। कुछ अधिक सूखने पर गाय, भैंस पांडे, भेड़, बकरियाँ भी चलने-फिरने लगते हैं। जब ये जानवर यहाँ लड़ते हैं तो कीचड़ उछल-उछल कर उखड़ जाती है। ये सारा दृश्य बहुत सुन्दर लगता है।

4. कवियों की धारणा को लेखक ने युक्तिशून्य क्यों कहा है?

उत्तर:- कवियों की धारणा को लेखक ने युक्ति-शून्य इसलिए कहा है क्योंकि वे कमल, पंकज जैसे शब्दों का प्रयोग प्रसन्नता के साथ करते हैं पर कीचड़ के प्रति घृणा की भावना रखते हैं जबकि कीचड़ में ही कमल खिलता है। यदि उनसे इसका कारण पूछा जाए तो उनका मत होगा कि कृष्ण की उपसना की जाती है उनके पिता वसुदेव की नहीं; हीरे को कीमती माना जाता है कोयले को नहीं जिससे वह बनता है; और, मोती का प्रयोग सुन्दरता बढ़ाने में होता है उस सीप का नहीं होता जिसमें वह पैदा होता है इसलिए कीचड़ का महत्व नहीं है महत्व उसमें पैदा होने वाले कमल का है। लेखक के अनुसार पंक यानि कीचड़ को भी महत्व दिया जाना चाहिए।

() निम्नलिखित के आशय स्पष्ट कीजिए

1. नदी किनारे अंकित पदचिह्न और सींगों के चिह्नों से मानो महिषकुल के भारतीय युद्ध का पूरा इतिहास ही इस कर्दम लेख में लिखा हो ऐसा भास होता है।

उत्तर:- जब नदी किनारे समतल और चिकना कीचड़ सूख जाता है और दो मदमस्त पांडे अपने सींगों से उस कीचड़ को रोंदते हुए जब आपस में लड़ते हैं, तब उस पर उकरे पदचिन्ह और सींगों के निशान महिषकुल के भारतीय युद्ध के इतिहास-लेख के समान लगते हैं। ऐसा इसलिए कहा है क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है मानो उस स्थान पर महाभारत का युद्ध हुआ हो और वहां अंकित निशान उसकी गाथा बयान कर रहे हो।

2. “आप वासुदेव की पूजा करते हैं इसलिए वसुदेव को तो नहीं पूजते, हीरे का भारी मूल्य देते हैं किन्तु कोयले या पत्थर का नहीं देते और मोती को कठ में बाँधकर फिरते हैं किंतु उसकी मातुश्री को गले में नहीं बाँधते।” कससेकम इस विषय पर कवियों के साथ चर्चा न करना ही उत्तम !

कमल

उत्तर:- लोग कीचड़ का तिरस्कार करते हैं, लेकिन कीचड़ में उत्पन्न होने वाले कमल को भगवान पर चढ़ाते हैं। कमल पर अनेक कवियों ने कितनी रचनाएं बना डाली है, लेकिन उसके प्राणदाता कीचड़ को कोई नहीं पूछता। अगर कवियों के सामने यह तर्क रखा जाए तो उनका जवाब होगा कि हम हीरे को भारी मूल्य देते है तो जरूरी नहीं की कोयले का भी दे क्योंकि वहाँ हीरा उत्पन्न होता है। मोती को गले में धारण करते है परन्तु उसकी सीप को नहीं। इसलिए लेखक के अनुसार इस चीज पर कवियों से तर्क-वितर्क करना व्यर्थ है।

इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi Sparsh दिया जा रहा है| हिंदी स्पर्श के दो भाग हैं | Hindi Sparsh स्पर्श भाग 1 सीबीएसई बोर्ड द्वारा class 9th के लिए निर्धारित किया गया है | इस पेज की खासियत ये है कि आप यहाँ पर ncert solutions for class 9 hindi Sparsh pdf download भी कर सकते हैं| we expect that the given class 9 hindi Sparsh solution will be immensely useful to you.

भाषाअध्ययन

1.निम्नलिखित शब्दों के तीनतीन पर्यायवाची शब्द लिखिए –जलाशय, सिंधु, पंकज, पृथ्वी, आकाश

उत्तर:- जलाशय: तालाब, पोखर।

सिंधु: सागर, समुद्र।

पंकज: नीरज, कमल।

पृथ्वी: धरती, भूमि।

आकाश: आसमान, गगन।

2. निम्नलिखित वाक्यों में कारकों को रेखांकित कर उनके नाम भी लिखिए –

() कीचड़ का नाम लेते ही सब बिगड़ जाता है।

() क्या कीचड़ का वर्णन कभी किसी ने किया है?

() हमारा अन्न कीचड़ से ही पैदा होता है।

() पदचिह्न उसपर अंकित होते हैं।

() आप वासुदेव की पूजा करते हैं।

उत्तर:-(क). का – संबंध कारक

(ख) का – संबंध कारक, ने – कर्ता कारक

(ग) से – करण कारक

(घ) से – करण कारक

(ङ) की – संबंध कारक

3. निम्नलिखित शब्दों की बनावट को ध्यान से देखिए और इनका पाठ से भिन्न किसी नए प्रसंग में वाक्य प्रयोग कीजिए

आकर्षक, यथार्थ, तटस्थता, कलाभिज्ञ, पदचिह्न, अंकित, तृप्ति, सनातन, लुप्त, जाग्रत, घृणास्पद, युक्तिशून्य, वृत्ति।

उत्तर:- आकर्षक:ताजमहल देखने में बहुत आकर्षक लगता है |

यथार्थ:व्यवस्थित रूप का ज्ञान ही यथार्थ का ज्ञान कहलाता है |

तटस्थता:राजनीतिक तटस्थता के सिद्धांत के अंतर्गत संवैधानिक पदाधिकारियों को विवादित प्रश्नों पर तटस्थ रहने की आवश्यकता होती है|

कलाभिज्ञ:कलाभिज्ञ गन्दगी में भी सुन्दरता देखते हैं|

पदचिह्न: केशव ने अपने पिता के पद चिन्हों पर चलकर अपने पिता की तरह ही सफलता हासिल की है।

अंकित: हमें कोई भी वस्तु खरीदने से पहले उस पर अंकित सारी जानकारी को अच्छे से देखना चाहिए।

तृप्ति:ठण्डा भोजन करके सबके चेहरे पर तृप्ति के भाव झलक आए।

सनातन: नैतिक कानून अटल और सनातन होता है, परिवेश से ऊपर।

लुप्त: पर्यावरण में आ रहे बदलाव की वजह से पक्षियों और जानवरों की बहुत सी प्रजातियां लुप्त हो रही है।

जाग्रत: प्रभा के मन के विद्रोह का भाव जाग्रत होने लगा।

घृणास्पद: उसका कथन बहुत ही घृणास्पद था।

युक्तिशून्य: कई लोग युक्तिशुन्य तर्क देते हैं, जिनका कोई अर्थ नहीं निकलता।

वृत्ति: अनुज विनम्र-वृत्ति का छात्र है।

4. नीचे दी गई संयुक्त क्रियाओं का प्रयोग करते हुए कोई अन्य वाक्य बनाइए –

(). देखतेदेखते वहाँ के बादल श्वेत पूनी जैसे हो गए।

(). कीचड़ देखना हो तो सीधे खंभात पहुँचना चाहिए।

(). हमारा अन्न कीचड़ में से ही पैदा होता है।

उत्तर:- (). देखते-देखते महेंद्र जमीन से आसमान पर पहुंच गया।

(). हमें हर जगह समय से पहुंचना चाहिए।

(). रूई, तंबाकू, दालें, ज्वार आदि फसलें काली मिट्टी में पैदा होती है।

5. न, नहीं, मत का सही प्रयोग रिक्त स्थानों पर कीजिए –

() तुम घर…….. जाओ।

() मोहन कल……. आएगा।

() उसे……. जाने क्या हो गया है?

() डाँटो……… प्यार से कहो।

() मैं वहाँ कभी………जाऊँगा।

() ……….वह बोला…….मैं।

उत्तर:-

() तुम घर मत जाओ।

() मोहन कल नहीं आएगा।

() उसे न जाने क्या हो गया है?

() डाँटो मत प्यार से कहो।

() मैं वहाँ कभी नहीं जाऊँगा।

() न वह बोला न मैं।

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