NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter – 10 दोहे

By | February 9, 2021

NCERT Solutions for Class 9 Hindi sparsh Chapter 10 दोहे यहाँ सरल शब्दों में दिया जा रहा है|  NCERT Hindi book for class 9 Sparsh Solutions के Chapter 10 दोहे को आसानी से समझ में आने के लिए हमने प्रश्नों के उत्तरों को इस प्रकार लिखा है की कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक बात कही जा सके| इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi Sparsh

दिया जा रहा है|

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Sparsh Chapter 10 दोहे

रहीम के दोहे

प्रश्न अभ्यास

1.निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए

() प्रेम का धागा टूटने पर पहले की भाँति क्यों नहीं हो पाता?

उत्तर:- प्रेम का धागा टूटने पर पहले की भाँति  इसलिए नहीं जुड़ पाता क्योंकि, प्रेम आपसी लगाव, आकर्षण और विश्वास के कारण होता है। यदि एक बार यह लगाव और विश्वास टूट जाए तो उसमें पहले जैसा भाव नहीं रहता। अगर हम उसे जोड़ते हैं तो उसमें गांठ बन जाती है और वह पहले के जैसे जुड़ नहीं पाता। प्रेम के धागे में संदेह की दरार हो जाती है।

() हमें अपना दुःख दूसरों पर क्यों नहीं प्रकट करना चाहिए? अपने मन की व्यथा दूसरों से कहने पर उनका व्यवहार कैसा हो जाता है?

उत्तर:- हमें अपना दुख दूसरों पर इसलिए प्रकट नहीं करना चाहिए क्योंकि जिस अपेक्षा के कारण हम दूसरों को अपना दुख सुनाते हैं, सुनने वाले की प्रतिक्रिया उसके विपरीत होती है। जो व्यक्ति हमारे दुखों के बारे में सुनता है वह मदद करने के बजाय हँसी उड़ाने लगता है।

() रहीम ने सागर की अपेक्षा पंक जल को धन्य क्यों कहा है?

उत्तर:- रहीम ने सागर की अपेक्षा कीचड़ के जल को धन्य इसलिए कहा है क्योंकि चादर विशालकाय होता है और सागर में इतना सारा पानी होने के बावजूद भी उसके खारे पानी से कोई भी जीव अपनी प्यास नहीं बुझा सकता। लेकिन कीचड़ के थोड़े से पानी से कम-से-कम सूक्ष्म व छोटे जीव तो अपनी प्यास बुझा लेते हैं।

() एक को साधने से सब कैसे सध जाता है?

उत्तर:- कवि की मान्यता है कि ईश्वर एक है। उसकी ही साधना करनी चाहिए। वह मूल है। उसे ही सींचना चाहिए। जैसे जड़ को सीचने से फल फूल मिल जाते हैं, उसी तरह एक ईश्वर को पूजने से सभी काम सफल हो जाते हैं। केवल एक ईश्वर की साधना पर ध्यान लगाना चाहिए।

() जलहीन कमल की रक्षा सूर्य भी क्यों नहीं कर पाता?

उत्तर कमल जल में ही खिलता है, रहता है। लेकिन सूर्य निकलने पर कमल खिलता है। यदि कमल जल के बिना है तो सूर्य भी उसे नहीं बचा सकता। सूर्य कमल को जीवित रखने की बाहरी शक्ति है जबकि जल उसकी आन्तरिक शक्ति है। उसी तरह भीतरी शक्ति होना अत्यन्त आवश्यक है। दूसरे भी तभी मद्द करते हैं जब आपकी भीतरी शक्ति होती है।

() अवध नरेश को चित्रकूट क्यों जाना पड़ा?

चित्रकूट

उत्तर:- अवध नरेश श्री राम को चित्रकूट इसलिए जाना पड़ा क्योंकि उनकी माता कैकेयी के आग्रह पर उनके पिता श्री दशरथ जी को उन्हें 14 वर्ष का वनवास देना पड़ा था। चित्रकूट जाकर रहने पर अवध नरेश को अद्भुत और दिव्य शांति मिली।

()‘नट’ किस कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है?

उत्तर:- ‘नट’ कुंडली मारने यानी अपने शरीर को सिकुड़ने की कला में सिद्ध होने के कारण ऊपर चढ़ जाता है।

() मोती, मानुष, चून’ के संदर्भ में पानी के महत्त्व को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर:- ‘मोती, मानुष, चून’ के संदर्भ में पानी का महत्त्व यह है – मोती का निर्माण जल में ही हो सकता है, बिना पानी के मोती बन ही नहीं सकता है। सूखा आटा हमारे ज्यादा काम का नहीं होता है, लेकिन उसमें पानी मिलाने के बाद हम उससे कई स्वादिष्ट पकवान बना सकते हैं। इसी तरह, मनुष्य का महत्व भी पानी यानि इज़्ज़त से ही होता है। अगर उसमें पानी यानि शर्म और इज़्ज़त का भाव न रहे, तो फिर उसका कोई महत्व नहीं रह जाता है। इसीलिए रहीम जी ने अपने दोहे में कहा है, “पानी गए न ऊबरे, मोती-मानुष-चून”

2.निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए

() टूटे से फिर ना मिले, मिले गाँठ परि जाय।

उत्तर:- इस पंक्ति का आशय है कि प्रेम रूपी धागा विश्वास के बल पर टिका होता है और अगर यह धागा एक बार टूट जाए तो फिर नहीं जुड़ सकता। और अगर इसे जोड़ने का प्रयास किया जाए तब भी वह पहले की तरह सामान्य और सहज नहीं हो पाता। जिस प्रकार टूटे हुए धागे को जोड़ने पर उसमें गांठ पड़ जाती है, उसी प्रकार टूटे हुए प्रेम के संबंध को जोड़ने पर उसमें भी मनमुटाव रह जाता है; जिसे मिटाया नहीं जा सकता।

() सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय।

उत्तर:-सुनि अठिलैहैं लोग सब, बाँटि न लैहैं कोय’ :  इस पंक्ति का यह भाव है कि जैसे अपने दर्द को दूसरों से छुपा कर ही रखना चाहिए क्योंकि जब आपका दर्द किसी अन्य को पता चलता है तो लोग उसका मजाक ही उड़ाते हैं, परंतु कोई भी आपके दर्द को बाँट नहीं सकता।

() रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै फलै अघाय।

उत्तर:- अनेक देवी-देवताओं की भक्ति करने की अपेक्षा अपने इष्टदेव के प्रति आस्था रखना अधिक अच्छा होता है। जिस प्रकार जड़ को सींचने से पेड़ के फूल-पत्तों तक का पोषण हो जाता है। उसी प्रकार इष्ट के प्रति ध्यान कर लें तो सांसारिक सुख स्वयं मिल जाते हैं।

() दीरघ दोहा अरथ के, आखर थोरे आहिं।

उत्तर:- कवि कहता है कि अच्छी वस्तु या ज्ञान थोड़ा सा ही पर्याप्त होता है। जिस प्रकार दोहे में अक्षर बहुत कम होते हैं परन्तु उसके अर्थ में गम्भीरता होती है, उसी प्रकार थोड़ा-सा ज्ञान भी अच्छा परिणाम देता है।।

() नाद रीझि तन देत मृग, नर धन हेत समेत।

उत्तर:- इस पंक्ति का आशय है कि जिस प्रकार मधुर संगीत को सुनकर हिरण इतना आकर्षित हो जाता है कि वह अपने प्राण त्यागने को भी तैयार हो जाता है, उसी प्रकार मनुष्य भी कला से इतना मनमोहित हो जाता है कि उस पर अपना सारा धन न्योछावर कर देता है। यहां कवि कहना चाहता है कि दूसरों से प्रसन्न होकर व उनकी कला के सम्मान में हर व्यक्ति को कुछ-ना-कुछ करना या देना चाहिए और जो व्यक्ति ऐसा नहीं करता, वह जानवर के समान होता है।

() जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि।

उत्तर:-जहाँ काम आवे सुई, कहा करे तरवारि’ : इस पंक्ति का यह भाव है कि जहाँ छोटी चीज की जरूरत होती है वहाँ पर बड़ी चीज बेकार हो जाती है। अगर हम किसी का उदाहरण ले तो जहां सुई की जरूरत होती है वहां तलवार कहां काम आती है।

() पानी गए न ऊबरै, मोती मानुष चून।

उत्तर:- रहीम जी ने इस दोहे में पानी को एक उदाहरण बनाते हुए, बहुत गहरी बात समझाई है। इस पंक्ति का भाव यह है कि जिस तरह पानी के बिना मोती का अस्तित्व नहीं रहेगा, पानी के बिना सूखा आटा हमारे किसी काम का नहीं रहेगा, ठीक उसी तरह, बिना पानी (यानि शर्म और इज़्ज़त) के मनुष्य भी मनुष्य नहीं रहेगा। अर्थात पानी के बिना मोती, आटा और मनुष्य, तीनों ही व्यर्थ हैं।

इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi Sparsh दिया जा रहा है| हिंदी स्पर्श के दो भाग हैं | Hindi Sparsh स्पर्श भाग 1 सीबीएसई बोर्ड द्वारा class 9th के लिए निर्धारित किया गया है | इस पेज की खासियत ये है कि आप यहाँ पर ncert solutions for class 9 hindi Sparsh pdf download भी कर सकते हैं| we expect that the given class 9 hindi Sparsh solution will be immensely useful to you.

3.निम्नलिखित भाव को पाठ में किन पंक्तियों द्वारा अभिव्यक्त किया गया है

() जिस पर विपदा पड़ती वही इस देश में आता है।

उत्तर:- जा पर विपदा पड़त है, सो आवत यह देस।

() कोई लाख कोशिश करे पर बिगड़ी बात फिर बन नहीं सकती।

उत्तर:- बिगरी बात बनै नहीं, लाख करौ किन कोय।

() पानी के बिना सब सूना है अत: पानी अवश्य रखना चाहिए।

उत्तर:- रहिमन पानी राखिये, बिनु पानी सब सून।

4.उदाहारण के आधार पर पाठ में आए निम्नलिखित शब्दों के प्रचलित रूप लिखिए

(उत्तर:- उदाहारण – कोयकोई, जैजो)

ज्यों, कछु, नहिं, कोय, धनि, आखर, जिय, थोरे, होय, माखन, तलवारि, सींचिबो, मूलहिं, पिअत, पिआसो, बिगरी, आवे, सहाय, ऊबरै, बिनु, बिथा, अठिलैहैं, परिजाय

उत्तर:- ज्यों – जैसे

कछु – कुछ

नहिं – नहीं

कोय – कोई

धनि – धन्य

आखर – अक्षर

जिय – जी

थोरे – थोड़े

होय – होना

माखन – मक्खन

तलवारि – तलवार

सींचिबो – सींचना

मूलहिं – मूल को

पिअत – पीना

पिआसो – प्यासा

बिगरी – बिगड़ी

आवे – आए

सहाय – सहायक

ऊबरै – उबरना

बिनु – बिना

बिथा – व्यथा

अठिलैहैं – मजाक उड़ाना

परिजाय – पड़ जाए

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