NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz Chapter – 7 मेरे बचपन के दिन

By | January 19, 2021

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 7 मेरे बचपन के दिन यहाँ सरल शब्दों में दिया जा रहा है| NCERT Hindi book for class 9 kshitij Solutions के Chapter 7 मेरे बचपन के दिनको आसानी से समझ में आने के लिए हमने प्रश्नों के उत्तरों को इस प्रकार लिखा है की कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक बात कही जा सके| इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi kshitij

दिया जा रहा है|

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 7 मेरे बचपन के दिन

प्रश्नअभ्यास

श्रीमती-महादेवी-वर्मा

1.‘मैं उत्पन्न हुई तो मेरी बड़ी खातिर हुई और मुझे वह सब नहीं सहना पड़ा जो अन्य लड़कियों को सहना पड़ता है।इस कथन के आलोक में आप यह पता लगाएं कि

(). उस समय लड़कियों की दशा कैसी थी?

(). लड़कियों के जन्म के संबंध में आज कैसी परिस्थितियां हैं?

उत्तर:- (क). सन् 1900 के आसपास जब लेखिका पैदा हुई थी उस समय स्त्रियों की स्थिति बहुत शोचनीय थी। उस समय का समाज पुरुष प्रधान था। पुरुषों को समाज में ऊँचा दर्जा प्राप्त था। उस समय भी लड़कियों व औरतों पर जुल्म ढाए जाते थे। बहुत-सी जगहों पर तो लड़कियों को पैदा होने से पहले ही व पैदा होते ही मार दिया जाता था; और जहां कहीं ऐसा नहीं होता था, वहां उनके ऊपर बहुत-सी पाबंदियां लगा दी जाती थी। उन्हें पढ़ाया नहीं जाता है, घर के बाहर आने-जाने नहीं दिया जाता था, उनसे बचपन से ही घर का सारा काम करवाता जाता था व उन्हें हमेशा लड़कों व पुरुषों से हमेशा नीचे ही रहने की सीख दी जाती थी। उन्हें घर की चारदीवारी में कैद कर दिया जाता था। ऐसे पुरुष प्रधान समाज में लड़कियों को जीवन भर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

लड़कियों के जन्म के संबंध

(ख). आज समाज में लड़कियों को एक विशेष स्थान प्राप्त है। उन्हें लड़कों के समान ही पाला-पोषा और शिक्षित किया जाता है। प्रत्येक क्षेत्र में बराबर का अधिकार मिला हुआ| आजकल लोग लड़कियों के जन्म पर भी खुशी मनाते हैं व उन्हें भी अच्छी शिक्षा दिलाते है। आज लड़कियां पढ़ाई करके बड़े-बड़े प्रतिष्ठित पदों पर काम कर रही हैं। साथ-ही-साथ लड़कियों से जुड़ी सामाजिक कुरीतियां व कुप्रथाएं भी समाप्त हो रही है। लेकिन अभी भी यह सब पूरी तरह समाज से मिटे नहीं है।

2. लेखिका उर्दूफ़ारसी क्यों नहीं सीख पाई?

उत्तर:- लेखिका उर्दू-फारसी इसलिए नहीं सीख पाई क्योंकि उनके घर में उर्दू-फारसी का माहौल नहीं था, जिसके कारण बचपन में उन्हें इस भाषा को सीखने के लिए प्रोत्साहन नहीं मिला।|लेखिका के मन में यह बात बैठ गई थी कि उर्दू-फ़ारसी सीखना उसके वश की बात नहीं।इस भाषा को सीखने में वह रुचि नहीं लेती थी। मौलवी जब लेखिका को उर्दू सिखाने आते थे तब वह चारपाई के नीचे छिप जाया करती थी।

3. लेखिका ने अपनी मां के व्यक्तित्व की किन विशेषताओं का उल्लेख किया है?

उत्तर:- लेखिका की माँ धर्म सहिष्णु महिला थीं |वे सभी धर्मों का सच्चे मन से सम्मान करती थीं |उनकी भगवान में बहुत आस्था थी, इसलिए वे रोज सुबह-शाम पूजा-पाठ करती थी| हिंदी के साथ-साथ उनको संस्कृत का भी ज्ञान था। मीरा के पदों में उन्हें विशेष रुचि थी। गीता पड़ने में उनकी विशेष रुचि थी।

मां के व्यक्तित्व

4. जवारा के नवाब के साथ अपने परिवारिक संबंधों को लेखिका ने आज के संदर्भ में स्वप्न जैसा क्यों कहा है?

उत्तर:- जवारा के नवाब मुस्लिम थे और महादेवी वर्मा हिंदू थी; हिंदू और मुस्लिम परिवार होने के बावजूद भी दोनों परिवारों के संबंध बहुत अच्छे थे। एक-दूसरे के त्योहारों को दोनों परिवार मिल-जुलकर मनाया करते थे। दोनों परिवारों का जन्मदिन एक दूसरे के परिवारों के साथ मनाया जाता था।इसलिए दोनों परिवार ऐसे रहते थे जैसे-एक ही परिवार हो। यह आजकल के समाज में संभव नहीं है और इसी कारण लेखिका ने इसे स्वप्न जैसा बताया है।

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रचना और अभिव्यक्ति

5. जे़बुन्निसा महादेवी वर्मा के लिए बहुत काम करती थी। जे़बुन्निसा के स्थान पर यदि आप होतीं/होते तो महादेवी से आपकी क्या अपेक्षा होतीं?

उत्तर:- जेबुन्निसा महादेवी वर्मा के बहुत सारे काम कर देती थीं |बदले में उसने शायद ही  अपनी कोई उम्मीद महादेवी से दिखाई हो |यदि मैं जेबुन्निसाके स्थान पर होती तो मैं महादेवी से अपेक्षा करती कि वह भी मेरे कार्यों में मेरा सहयोग करे | हमारी उनसे सबसे बड़ी अपेक्षा यह होती कि वे हमें भी लिखना सिखाएं  और हमें भी लिखने को प्रोत्साहित करें |।

6. महादेवी वर्मा को काव्य प्रतियोगिता में चांदी का कटोरा मिला था। अनुमान लगाइए कि आपको इस प्रकार का कोई पुरस्कार मिला हो और वह देशहित में या किसी आपदा निवारण के काम में देना पड़े तो आप कैसा अनुभव करेंगे/करेंगी?

उत्तर:- देश के नागरिक होने के नाते देश के प्रति हमारे कुछ कर्तव्य हैं |यदि देश किसी आर्थिक परेशानी से गुजर रहा है तो देश को इस विपत्ति से उबारने के लिए हमें यथाशक्ति देश की सहायता करनी चाहिए ||अगर हमारे साथ ऐसा हो तो हम बेझिझक अपना पुरस्कार देशहित के लिए दे देंगे और हमें बहुत ही गौरवान्वित महसूस होगा कि हम देश के काम आ पाए। ऐसा नहीं है कि हमारे लिए पुरस्कार मायने नहीं रखते, लेकिन पुरस्कार से ज्यादा जरूरी है कि हमें वह मिला और हमारे पास कुछ ऐसा गुण है जो पुरस्कार के लायक है।

7. लेखिका ने छात्रावास के जिस बहुभाषी परिवेश की चर्चा की है उसे अपनी मातृभाषा में लिखिए।

उत्तर:- लेखिका “महादेवी वर्मा” के छात्रावास का परिवेश बहुभाषी था। कोई हिंदी बोलता था तो किसी की भाषा उर्दू थी। वहाँ कुछ मराठी लड़किया भी थीं, जो आपस में मराठी बोलती थीं। अवध की लड़कियाँ आपस में अवधी बोलती थीं। बुंदेलखंड की लड़कियाँ बुंदेली में बात करती थीं। अलग-अलग प्रांत के होने के बावजूद भी वे आपस में हिंदी में ही बातें करती थीं। छात्रावास में उन्हें हिंदी तथा उर्दू दोनों की शिक्षा दी जाती थी।

8. महादेवी जी के इस संस्मरण को पढ़ते हुए आप के मानसपटल पर भी अपने बचपन की कोई स्मृति उभर कर आई होगी, उसे संस्मरण शैली में लिखिए।

उत्तर:- विद्यार्थी स्वयं करें

9. महादेवी ने कवि सम्मेलनों में कविता पाठ के लिए अपना नाम बुलाए जाने से पहले होने वाली बेचैनी का जिक्र किया है। अपने विद्यालय में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेते समय आपने जो बेचैनी अनुभव की होगी, उस पर डायरी का एक पृष्ठ लिखिए।

उत्तर:- विद्यार्थी स्वयं करें

भाषाअध्ययन

10. पाठ से निम्नलिखित शब्दों के विलोम शब्द ढूंढकर लिखिए

विद्वान, अनंत, निरपराधी, दंड, शांति।

उत्तर:- मूर्ख, संक्षिप्त, अपराधी, पुरस्कार, अशांति।

11.निम्नलिखित शब्दों के उपसर्ग/प्रत्यय अलग कीजिए और मूल शब्द बताइए।

उत्तर:-

1.निराहारी – निर् + आहार + ई

2. सांप्रदायिकता – सम्प्रदाय + इक + ता

3. अप्रसन्नता – अ + प्रसन्न + ता

4. अपनापन – अपना + पन

5. किनारीदार – किनारा + ई + दार

6. स्वतंत्रता – स्वतंत्र + ता

निम्नलिखित उपसर्गप्रत्ययों की सहायता से दोदो शब्द लिखिए

उपसर्ग अन्, अ, सत्, स्व दुर्

प्रत्यय दार, हार, वाला, अनीय

उत्तर:- उपसर्गों के उदाहरण

1.अन् अनुचित अनावश्यक

2. अ अकारण असमय

3. सत् सत्कर्म सत्संग

4. स्व स्वतंत्र स्वराज

5. दुर् दुर्गुण दुर्व्यवहार

प्रत्ययों के उदाहरण

1.दार समझदार कर्जदार

2. हार होनहार पालनहार

3. वाला फूलवाला रखवाला

4. अनीय पूजनीय माननीय

5. पाठ में आए सामासिक पद छांटकर विग्रह कीजिए-

पूजा-पाठ = पूजा और पाठ

उत्तर:- पाठ में आए कुछ सामाजिक पद –

1.कुलदेवी = कुल की देवी

2. रोने-धोने = रोने और धोने

3. तुकबंदी = तुक की बंदी

4. मिली-जुली = मिली और जुली

5. पंचतंत्र = पांच तत्वों से बना हुआ

6. उर्दू-फारसी = उर्दू व फारसी

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