NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz Chapter – 4 साँवले सपनों की याद

By | January 18, 2021

NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 4 साँवले सपनों की याद यहाँ सरल शब्दों में दिया जा रहा है| NCERT Hindi book for class 9 kshitij Solutions के Chapter 4 साँवले सपनों की याद को आसानी से समझ में आने के लिए हमने प्रश्नों के उत्तरों को इस प्रकार लिखा है की कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक बात कही जा सके| इस पेज में आपको NCERT solutions for class 9 hindi kshitij

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NCERT Solutions for Class 9 Hindi Kshitiz Chapter 4 साँवले सपनों की याद

ZABIR HUSSAIN

प्रश्न अभ्यास

1.किस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा को बदल दिया और उन्हें पक्षी प्रेमी बना दिया?

उत्तर:- एक बार बचपन में सालिम अली की एयरगन से एक गौरैया घायल होकर गिर पड़ी। इस घटना ने सालिम अली के जीवन की दिशा को बदल दिया। वे गौरैया की देखभाल, सुरक्षा और खोजबीन में जुट गए। इससे उन्हें पशु-पक्षियों के दर्द का एहसास हुआ और साथ-ही-साथ उनके अंदर पक्षियों के प्रति लगाव व रूचि पैदा हो गई। जिसने उनके जीवन की दिशा को बदलकर उन्हें एक पक्षी-प्रेमी बना दिया।

पक्षी प्रेमी

2. सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री के सामने पर्यावरण से संबंधित किन संभावित खतरों का चित्र खींचा होगा कि जिससे उनकी आंखें नम हो गई थीं?

उत्तर:- सालिम अली ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सामने रेगिस्तानी हवा के गरम झोकों और उसके दुष्प्रभावों का उल्लेख किया।उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने केरल की ‘साइलेंट’ वैली पर मंडरा रहे पर्यावरण संबंधित संभावित खतरों का वर्णन किया।  जिससे पशु-पक्षियों के आशियाने छिन गए थे और इसलिए उनकी संख्या घटती जा रही थी। वहां का तापमान भी दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा था। इन सब के बारे में सुनकर प्रधानमंत्री आंखें नम हो गई।

3. लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा ने ऐसा क्यों कहा होगा कि मेरी छत पर बैठने वाली गोरैया लॉरेंस के बारे में ढेर सारी बातें जानती है?”

उत्तर:- लॉरेंस की पत्नी फ्रीडा जानती थी कि लॉरेंस को गौरैया से बहुत प्रेम था। वे अपना काफी समय गौरैया के साथ बिताते थे। गौरैया भी उनके साथ अंतरंग साथी जैसा व्यवहार करती थी|डी एच लॉरेंस की मौत के बाद जब उनकी पत्नी फ्रीडा से अपने पति के बारे में कुछ लिखने को कहा गया तो उन्होंने बोला कि उनके पति के बारे में उनसे ज्यादा तो उनकी छत पर बैठी गोरेया जानती है क्योंकि वे एक पक्षी प्रेमी थे| वह बहुत ही सरल व खुले विचारों वाले व्यक्ति थे|

“मेरी छत पर बैठने वाली गोरैया लॉरेंस

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4. आशय स्पष्ट कीजिए

(). वो लॉरेंस की तरह, नैसर्गिक जिंदगी का प्रतिरूप बन गए थे।

(). कोई अपने जिस्म की हरारत और दिल की धड़कन देकर भी उसे लौटाना चाहे तो वह पक्षी अपने सपनों के गीत दोबारा कैसे गा सकेगा!

(). सालिम अली प्रकृति की दुनिया में एक टापू बनने की बजाय अथाह सागर बनकर उभरे थे।

उत्तर:– ().लॉरेंस का जीवन बहुत सीधा-सादा था, प्रकृति के प्रति उनके मन में जिज्ञासा थी। सालिम अली का व्यक्तित्व भी लॉरेंस की तरह ही सुलझा तथा सरल था।विशेषतः वह पक्षी-प्रेमी थे। उनका स्वभाव बहुत ही सरल, सीधा-साधा,  खुले विचारों वाला और भ्रमण शील था। वे दोनों ही अपना जीवन प्रकृति को समर्पित कर चुके थे और आधुनिकता के नाम पर प्रकृति का नाश करना उनकी जीवन शैली का हिस्सा कभी नहीं रहा। यही चीज उनके जीवन को नैसर्गिक जीवन का प्रतिरूप बनाती है

(). मृत्यु ऐसा सत्य है जिसके प्रभाव स्वरूप मनुष्य सांसारिकता से दूर होकर चिर निद्रा और विश्राम प्राप्त कर लेता है।  मृत्यु जीवन का एक बहुत ही कड़वा सत्य है और यह भी सत्य है कि एक बार मृत्यु को प्राप्त हो जाने वाले को वापस नहीं लाया जा सकता। इस कथन से लेखक का यही आशय है कि मृत व्यक्ति को चाहे जैसा भी प्रलोभन दिया जाए वह वापस नहीं आ सकता।

(). सलीम अली प्रकृति के खुले संसार में खोंज करने के लिए निकले। उन्होंने स्वयं को किसी सीमा में कैद नहीं किया। वे एक टापू की तरह किसी स्थान विशेष या पशु-पक्षी विशेष में सीमित नहीं थे। उन्होंने अथाह सागर की तरह प्रकृति में जो-जो अनुभव आयी, उन्हें सँजोया। उनका कार्यक्षेत्र बहुत विशाल था।उनकी पशु-पक्षियों, प्रकृति व वातावरण की खोजबीन एक क्षेत्र-विशेष में ही सीमित न रहकर पूरी दुनिया में थी, इसलिए भी उनके योगदान को सागर के समान विस्तृत बताया गया है।

5. इस पाठ के आधार पर लेखक की भाषाशैली की चार विशेषताएं बताइए।

उत्तर:-

1.इस पाठ में उर्दू, तद्भव और संस्कृत शब्दों का सम्मिश्रण है। लेखक ने उर्दू शब्दों का अधिक प्रयोग किया है।

2. संस्कृत शब्दों का प्रयोग भी प्रचुरता से हुआ है।

3.लेखक ने उपमा अलंकार का प्रयोग बहुत बार किया है।

4.लेखक ने हर विषय को बहुत ही रचनात्मक तरीके से पेश किया है।

5.लेखकनेइसपाठमेंविभिन्नभाषाओंकाप्रयोगकियाहै।

6.ज़ाबिर हुसैन भाव के अनुरूप शब्दों और वाक्यों की प्रकृति बदल देते हैं। उदाहरणतया, कभी वे छोटे-छोटे वाक्य प्रयोग करते हैं

6. इस पाठ में लेखक ने सालिम अली के व्यक्तित्व का जो चित्र खींचा है उसे अपने शब्दों में लिखिए।

उत्तर: सलीम अली अनन्य प्रकृति-प्रेमी थे। प्रकृति तथा पक्षियों के प्रति उनके मन में कभी न खत्म होने वाली जिज्ञासा थी।इसीलिएउन्हें‘बर्डवाचर’ केनामसेभीजानाजाताहै। उन्हें दूर आकाश में उड़ते पक्षियों की खोंज करने का तथा उनकी सुरक्षा के उपाय कोजने का असीम चाव था। वे स्वभाव से परम घुमक्कड़ और यायावर थे। लम्बी यात्राओं ने उनके शरीर को कमज़ोर कर दिया था। व्यवहार में वे सरल-सीधे और भोले इंसान थे। वे बाहरी चकाचौंध और विशिष्टता से दूर थे। उनका जीवन व व्यक्तित्व बहुत ही साधारण थे लेकिन उनकी  सोच व अनुभवों में बहुत गहराई थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन प्रकृति को सौंप दिया था और जीवन में कभी भी अपने विश्वास को डिगने नहीं दिया।

लेखक ने सालिम अली के व्यक्तित्व का जो चित्र खींचा है

7. ‘सांवले सपनों की यादशीर्षक की सार्थकता पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर:- “साँवले सपनों की याद” एक रहस्यात्मक शीर्षक है। यह रचना लेखक जाबिर हुसैन द्वारा अपने मित्र सलीम अली की याद में लिखा गया संस्मरण है।यह पाठ लेखक ज़ाबिर हुसैन ने सालिमअली की मृत्यु से उत्पन्न अवसादव दुख में लिखा था। साँवले सपने” मनमोहक इच्छाओं के प्रतीक हैं।  ये सपने प्रसिद्ध पक्षी-प्रेमी सलीम अली से संबंधित हैं। सलीम अली जीवन-भर सुनहरे पक्षियों की दुनिया में खोए रहे।  वे उनकी सुरक्षा और खोंज के सपनों में खोए रहे। ये सपने हर किसी को नहीं आते। हर कोई पक्षी-प्रेम में इतना नहीं डूब सकता। इसलिए आज जब सलीम अली नहीं रहे तो लेखक को उन साँवले सपनों की याद आती है जो सलीम अली की आँखों में बसते थे। ये शीर्षक सार्थक तो है किन्तु गहरा रहस्यात्मक है। इस शीर्षक में उन्होंने जताया है कि सालिम अली तो अपनी अंतिम यात्रा पर जा चुके हैं और उनके मनमोहक सपनों की सिर्फ यादें रह गई हैं।

रचना और अभिव्यक्ति

8. प्रस्तुत पाठ सालिम अली की पर्यावरण के प्रति चिंता को भी व्यक्त करता है। पर्यावरण को बचाने के लिए आप कैसे योगदान दे सकते हैं?

उत्तर:- पर्यावरण को बचाने के लिए हम निम्नलिखित उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करेंगे:-

1.वायु को शुद्ध करने के लिए पेड़-पौधे लगाने चाहिए।

2. प्लास्टिक से बनी वस्तुओं का कम-से-कम प्रयोग करेंगे।

3.कमरेसेयाघरसेबाहरजातेसमयबिजलीकेसारेस्विचबंदकरकेजाना चाहिए ।

4. जल प्रदूषित नहीं होने देना चाहिए।

5. कूड़ा-कचरा हमेशा कूड़ेदान में ही डालना चाहिए ।

6. सरकारी- यातायात का ज्यादा-से-ज्यादा प्रयोग करेंगे।

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