थ्री मैंन इन अ बोट (हिंदी) अध्याय 11


अध्याय 11
प्रातः के छः बजे थे | जिरोम जाग गया और उसने देखा की जॉर्ज भी जाग चुका था | अभी बहुत सवेरा था उठने की कोई ज़रुरत नहीं थी लेकिन उनकी फिर से सोने की इक्षा नहीं थी इसलिए उन्होंने बातें करनी शुरू कर दीं | जॉर्ज ने एक घटना सुनाई जिसमे उसने काफी सुबह जागने का वर्णन किया |

जॉर्ज का अनुभव
एक बार जॉर्ज मिसिस गिपिंग्स के घर में ठहरा हुआ था | वह अपनी घडी में चाभी भरना भूल गया और वह सवा आठ बजे रुक गई | सर्दी का मौसम था और वह उठा तो अँधेरा था | उसने अपनी घडी देखी | सवा आठ बज चुके थे और उसे शहर में नौ बजे पहुचना था | उसने जल्दीबाजी में ठन्डे पानी से स्नान किया और कपडे पहने | घडी बिस्तर पर फैंके जाने के कारण हिल गई थी और अब उसमे नौ बजने में बीस मिनट थे | वह घर से तेजी से बहार निकला और एक चौथाई मील भाग कर गया | गली में कोई नहीं था और कोई दुकान भी नहीं खुली थी | फिर उसने तीन आदमी देखे, उनमे से एक पुलिस वाला था | अब तीन बज चुके थे जबकि जॉर्ज की घडी में नौ बजे थे| पुलिस वाले ने पूछा, की आप कहाँ रहते हैं ? जॉर्ज ने अपना पता बताया | पुलिस वाले ने उसे घर लौटने की राय दी |

जॉर्ज एक बार फिर घर से निकला-
जॉर्ज एक बार फिर घर चला गया लकिन उसका मन कपडे बदलने का नहीं था | उसे आशा थी की मैं कुर्सी पर ही सो जाऊँगा, परन्तु उसे नींद नहीं आई | उसने शतरंज खेलने और पुस्तक पढने का प्रयत्न किया, परन्तु उसका मन किसी भी काम में नहीं लगा | इसलिए उसने कोट पहना और फिर घर से बाहर निकल गया |

पुलिस वालों का संदेह
अब चार बजे थे | सडकें सूनसान थीं और पुलिस वाले उसे संदेह की दृष्टि से देख रहे थे | उन्होंने उससे पूछा की आप यहाँ क्या कर रहे हैं ? वह बोला की वह वहां सैर करने आया था | दो पुलिस वाले सादे कपड़ों में उसके साथ आये | उसने बताया की मैं वहीँ रहता हूँ जहाँ मैंने बताया था | जॉर्ज ने ताला खोला और घर के अन्दर चला गया | सादे कपड़ों में पुलिस वाले वहीँ खड़े रहे | और उसके घर पर निगाह रखते रहे |
जॉर्ज ने चाय बनाने का प्रयास किया परन्तु उससे कोई काम ठीक से नहीं हो पा रहा था | उसे दर था कि यदि शोर से उसके घर की मालकिन जाग गई तो वह पुलिस बुला लेगी और उसे पुलिस वाले पकड़ कर जेल में डाल देंगे | इसलिए उसने चाय बनाने का इरादा भी त्याग दिया | जॉर्ज ने पूरी सच्ची घटना जिरोम को सुनाई | फिर उन्होंने हैरिस को जगाया | रात को सोने से पहले उन्होंने सोचा था की वोह अगली सुबह देर तक तैरने का आनंद उठाएंगे लेकिन अब पानी में जाने से उनकी रूह काँप रही थी | जॉर्ज, हैरिस और मोंटमोरेंसी की तैरने में कोई रूचि नहीं थी | जिरोम को भी तैरने का विचार कुछ ख़ास नहीं लगा वह नदी के तट पर गया और पानी में डूबती हुई एक पेड़ की टहनी पकड़ी वो केबल छोटी सी दुबकी लगाना चाहता था मगर टहनी टूट गई और वह पानी में गिर पड़ा वह जैसे तैसे पानी के ऊपर आया और अपने दोस्तों से बोला “वाह मज़ा आ गया, पानी बड़ा मज़ेदार है ” और उसने अपने दोस्तों को भी पानी में आने के लिए आमंत्रित किया परन्तु कोई भी पानी में आने को तैयार नहीं हुआ |

शर्ट की हास्यप्रद घटना-
जिरोम ने अपनी शर्ट उठाई और उसे झटका | अचानक वह शर्ट पानी में जा गिरी | जॉर्ज पागलों की तरह हंसने लगा फिर जिरोम ने देखा की वह उसकी शर्ट नहीं बल्कि जॉर्ज की थी | उसने उसे फिर से पानी में फैंक दिया | अब हंसने की बारी उसकी थी | उसने जॉर्ज को बताया कि शर्ट मेरी नहीं बेटा ये तो तेरी है इस पर जॉर्ज आग बबूला हो गया |

हैरिस का अण्डों की भुजिया बनाना-
हैरिस बोला की मैं अण्डों की भुजिया बनाऊंगा, क्योकि ये मुझे बहुत अच्छी तरह बनाना आता है | उसने अंडे तोड़े, जिनमे से ज़्यादातर उसकी पेंट पर ही गिरे नाकि कढाई में | उसने अपनी अंगुलियाँ जला लीं और सब कुछ गिरता रहा अंत उसने एक चम्मच भर बुरी तरह से जली हुई ना खाने लायक कोई चीज़ बनाई और बोला ये कढाई बिल्कुल बेकार है |

मैग्ना कार्टा-
जिरोम एक महत्वपूर्ण घटना पर विचार करता है | जो उस स्थान पर कभी पहले घटी थी| हुआ यूँ था की जून 1215 में किंग जॉन ने मैग्ना कार्टा चार्टर पर हस्ताक्षर किये थे | बैरन जिसको हिंदी में दिग्गज या विशाल योद्धा कहते हैं वो भी वहां पर अपने सशस्त्र सैनिकों को लेकर एकत्रित हुए थे | किंग जॉन उस रात डनक्राफ्ट हाल में सोया हुआ था | लन्दन से वहां बढ़ाई और कारीगर एक विशाल पंडाल बनाने आई थे | बड़ी बड़ी सुसज्जित नावें राजा जॉन को वहां ले जाने को तैयार थीं | बैरनो ने आगे आकर रजा का स्वागत किया और बड़ा ही प्रसन्न होकर मुस्कुराने लगा | वहां मौजूद बैरन विद्रोही बनने की की तयारी में थे इस बात का एहसास रजा को भी था लेकिन वो लड़ाई दंगा नहीं चाहता था| हालाँकि उसके पास ताकत की कोई कमी नहीं थी | उसके सभी फ्रेंच सैनिक उसकी एक आवाज़ पे सभी बैरेनों पर काबू पा सकते थे | राजा ने कुछ भी गलत नहीं किया | यदि उसके स्थान पर रिचर्ड जैसा कोई बंदा होता तो अंग्रेजों की स्वतंत्रता सौ वर्ष पीछे चली जाती | राजा जॉन अपने घोड़े से उतर कर सबसे आगे की नाव में बैठ गया और उसने चार्टर पर हस्ताक्षर किये| इसी स्थान को आज मैग्ना कार्टा द्वीप नाम से जाना जाता है |